वैदिक सवर्णो के पुर्वजो का अश्वमेध यज्ञ जिसके अंतिम चरण मे राणी को घोडे के साथ सेक्स करते हुये अश्लिल मंत्र बोलने पडते थे.
इसका उल्लेख यजुर्वेद अध्याय 23 महिधर भाष्य मे है.
The quintessence of vedic anthologies, surendra ajnat
Page no. 299
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Sex book शिवपुराण में विष्णु का मोहिनी रूप पर शिव का आसक्त होना sabrimala का शिव के विष्णु से सेक्स से पैदा होना, खुद अपनी पत्नी सती को राम की परीक्षा लेने के प्रयास में सीता का रूप धारण करने मात्र से त्याग देना आदि सभी दृष्टांत अश्लीलता व पाखंड से भरे हैं।
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बामन पराशर
महाभारत आदिपर्व मे सत्यवती अपने साथ विवाह से पहले हुई एक घटना भिष्म को बताती है
वह कहती है, एक दिन मैं नाव पर गई हुई थी. उन दिनो मे जवान थी. यमुन नदी पार कर के महर्षी पराशर मेरी नाव पर आ गये और मुझे देखकर काम पिडित हो गए.
यदि संभोग न करती तो ऋषी शाप दे सकता था.
उन्होंने अपनी योगशक्ती से अंधेरा कर दिया और मुझे अपने वश मे कर लिया. ऋषि ने मुझे वरदान दिया कि इस संभोग के परिणामस्वरुप तुम बच्चे को जन्म देकर फिर से कन्या बन जाओगी तुम्हारी योनी की झिल्ली पहले जैसी हो जाएगी.
(महाभारत आदिपर्व 104)
बामन शंकराचार्य
आदि शंकराचार्य के बारे मे शंकर दिग्विजय मे है कि जब उसने मंडन मिश्र को शास्त्रार्थ मे हराया था तब उसकी पत्नी ने शंकराचार्य कामशास्त्र पर शास्त्रार्थ के लिए आव्हान दिया.
कामशास्त्र कि जानकारी न होने के कारण शंकराचार्य भारती से एक महिने का समय मांगते है.
उनके बाद आता है कि एक राजा मर गया था, शंकर ने अपने शव को गुफा मे रखकर स्वयं उस राजा के शरीर मे प्रवेश किया, जिससे वह राजा जिंदा हो गया, अब उसमे प्रविष्ट होकर शंकर ने सारे भोग भोगे और राजा कि सौ रानियों के साथ काम(सेक्स) का व्यवहारीक अभ्यास किया.
कोई कहेगा कि शंकराचार्य ने ये सब कामशास्त्र पर शास्त्रार्थ करने के लिए किया था,
लेकिन क्या कामशास्त्र पर जानकारी पढकर नही मिल सकती थी ?
दुसरे के शरीर मे प्रवेश करके उसकी पत्नीओ के साथ सेक्स करना तो व्याभिचार हि है.
भले हि ये सब कथा काल्पनिक हो लेकिन दुसरो कि सौ राणियों के साथ सेक्स करनी कि कथा जिस बामन के नाम पर है उसे जगत गुरु कहकर प्रचारित किया जाता है.
इसलिए आक्षेप करना जरुरी है.
बामन बृहस्पती
महाभारत मे बृहस्पती और ममता कि कथा आती है.
ममता बृहस्पती के बडे भाई कि पत्नी थी.
ममता के मना करने पर भी बामन बृहस्पती ने उसके साथ जबरदस्ती सेक्स यानी बलात्कार किया था.
(इस कथा पर हम अलग लेख लिखने वाले है इसलिए यहा संक्षिप्त मे बताया गया है, जिज्ञासु पाठक निचे के ss मे संपुर्ण कथा देख सकते है)
संपुर्ण कथा पढे निचे के ss मे
(नोट : गिताप्रेस वालो ने आदिपर्व 104 से ये कथा हटा दि है, भांडारकर इंस्टिट्युट पुणे के आदिपर्व 98 मे ये कथा उपलब्
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अब पढ़ो भोस्डीवालो 😂
हार जगह अश्लीलता ढूंढने वाले भक्तो
"चोदना लक्ष्णोअर्थो धर्म:" १/१/२
ज्ञानं ज्ञेयं परिज्ञाता त्रिविधा कर्मचोदना। गीता 18.
धियो योन:प्रचोदयात: गायत्री मंत्र।
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स्त्री योनि का वर्णन Vedic sex book
बृहदारण्यकोपनिषद और छान्दोग्य उपनिषद् में अलग अलग उपमा देकर स्त्री योनि का अलंकारिकता वर्णन किया गया है
योषा वा अग्नि ! तम तस्या उपस्थ एव समिल्लोमानि धूमो योनिरर्चिर्यदन्तः करोति तेंऽगारा अभिनंदा विस्फुलिंगा:
अर्थात: गौतम ! स्त्री अग्नि है . उस का गुप्तांग ईंधन है . गुप्तांग पर उगे बाल धुआं है . योनि ज्वाला है . लिंग प्रवेश अंगारे हैं और कामानंद ही चिनगारियां हैं .
(बृहदारण्यकोपनिषद 6-2-13)
यही बात छान्दोग्य उपनिषद् में मिलती है
योषा वाव गौतमाग्निस्तस्या उपस्थ एव समिध् यदुपमत्रयते स धूमो योनिरर्चिर्यदंतः करोति ते अंगाराः अभिनंदा विस्फुलिंगाः .
अर्थात: हे गौतम , स्त्री जाति अग्नि है . उस का गुप्तांग ही ईंधन है . कामक्रीड़ा के लिए बोलना ही धुआं है . उस की योनि ही ज्वाला है . उस में पुरुष की जननेंद्रिय और आनंद की प्राप्ति ही चिनगारियां हैं .
(छान्दोग्य उपनिषद् 5-8-1)
इस तरह से हम देखते है बामन धर्म के सभी ग्रंथ वाहियात अश्लील विज्ञान विरोधी शिक्षा देने वाले है जिसे कोई भी सभ्य व्यक्ति अपने घर में नहीं बता सकता
सभ्य आधुनिक समाज की भलाई इन ग्रंथो के त्यागने में ही है
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पौराणिक सेक्स एजुकेशन
वेदों के अलावा पुराणों में भी हमे बहुत सारा सेक्स एजुकेशन देखने को मिलता है
जो कि इस तरह है,
जिस आदमी का लिंग दायीं तरफ झुका हुआ हो वह पुत्रवाला होता है , जिसका लिंग बायीं तरफ को झुका हुआ हो उसके कन्या पैदा होती हैं ॥१ ॥ मोटे रगोंवाले , टेढ़े लिंगों से दरिद्रता होती है । जिन पुरुषों के लिंग सीधे , गोल होवें , वे पुत्रों के भागी होते हैं
भविष्य पुराण
कड़वा तेल , भिलावा , बहेड़ा तथा अनार - इसकी चटनी से लेप करने से लिंग बढ़ता है ।
गरुड़ पुराण, अचार अध्याय 180
काफूर , देवदारु को शहद के साथ मिलाकर लिंग के लेप करें तो स्त्री वश में हो जाती है ॥२ ॥ हे महादेव ! नमक और कबूतर की बीठ शहद में मिलाकर यदि लिंग पर लेप करे तो स्त्री वश में हो जाती है ॥१६ ॥
गरुड़ पुराण, अचार, अध्याय 185
ब्रह्मचर्य में रहती हुई साध्वी स्त्री की योनि भी सुन्दर पुरुष को देखकर टपकने लग जाती है ॥२८ ॥
भविष्य पुराण, ब्रह्म अध्याय 73
स्नान किये हुए निर्मल सुगन्धित पुरुष को देखकर स्त्रियों की योनि ऐसे टपकने लगती है जैसे मशक में से पानी ॥३१ ॥
शिव पुराण,उमा.. अध्याय 24
पौराणिक पोल प्रकाश, मंसराम शास्त्री, पृष्ठ 98
(अथर्व वेद ४-४-१) अर्थ : हे जड़ी-बूटी, मैं तुम्हें खोदता हूँ. तुम मेरे लिंग को उसी प्रकार उतेजित करो जिस प्रकार तुम ने नपुंसक वरुण के लिंग को उत्तेजित किया था
(२) अद्द्यागने……………………….पसा:|| (अथर्व वेद ४-४-६) अर्थ: हे अग्नि देव, हे सविता, हे सरस्वती देवी, तुम इस आदमी के लिंग को इस तरह तान दो जैसे धनुष की डोरी तनी रहती है
(३) अश्वस्या……………………….तनुवशिन || (अथर्व वेद ४-४-८) अर्थ : हे देवताओं, इस आदमी के लिंग में घोड़े, घोड़े के युवा बच्चे, बकरे, बैल और मेढ़े के लिंग के सामान शक्ति दो
(४) आहं तनोमि ते पासो अधि ज्यामिव धनवानी, क्रमस्वर्श इव रोहितमावग्लायता (अथर्व वेद ६-१०१-३) मैं तुम्हारे लिंग को धनुष की डोरी के समान तानता हूँ ताकि तुम स्त्रियों में प्रचंड विहार कर सको
(५) तां पूष………………………शेष:|| (अथर्व वेद १४-२-३८) अर्थ : हे पूषा, इस कल्याणी औरत को प्रेरित करो ताकि वह अपनी जंघाओं को फैलाए और हम उनमें लिंग से प्रहार करें.
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बामन भारद्वाज
महाभारत मे भारद्वाज ऋषी कि एक कथा आती है, जिसमे घृताची अप्सरा को देखकर उनका विर्य स्खलित हुआ था
ऋषि भरद्वाज गंगातट पर तप करते थे , बहुत कठिन व्रतों का पालन और अनेक यज्ञों का अनुष्ठान करते थे . वे स्नान करने के लिए सुबह ही गंगा तट पर गए . वहां घृताची नामक अप्सरा स्नान कर के वस्त्र बदल रही थी . उस का वस्त्र थोड़ा सा खिसक गया . उसे देखते ही हमारे ऋषि पुंगव का वीर्यपात हो गया . उस ने उसे द्रोण ( यज्ञकलश ) में रख लिया . उस द्रोण में रखे वीर्य से एक लड़का पैदा हो गया , जिसे ' द्रोण ' ही नाम दे दिया गया .
सुदर्शन कि कथा
महाभारत अनुशासन पर्व अध्याय 2 मे सुदर्शन कि कथा आती है,
कथा के अनुसार सुदर्शन के घर आये बामन अतिथी ने सुदर्शन कि पत्नी के साथ संभोग कि इच्छा प्रकट कि,
संक्षिप्त कथा इस प्रकार है,
सुदर्शन की अनुपस्थिति में एक ब्राह्मण अतिथि ने संभोगेच्छा प्रकट की . ओघवती ( सुदर्शन की पत्नी का नाम ) ने ब्राह्मण की इच्छा की पूर्ति की . सुदर्शन ऋषि घर वापस आए , और जब यह आतिथ्य - प्रकार ज्ञात हुआ तो कहा - ' आज हम धन्य हुए . ' पितामह भीष्म धर्मराज से कहते हैं कि इस सत्कृत्य के कारण सुदर्शन की कीर्ति त्रिभुवन में फैल गई और उसे इंद्रलोक प्राप्त हुआ
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वैसे ये सारी कथाएं गरीब बामनो ने लिखी है इसलिए उन्होंने ऐसी कथाओ मे खुदको जाॅनी सिन का पात्र बना लिया है
श्वेतकेतु कि कथा
महाभारत आदिपर्व 122 मे है कि एक बामन ने ऋषी उद्दालक के पत्नी के साथ जबरदस्ती सेक्स करनी कि कोशिश कि थी.
कथा के अनुसार
एक ऋषि थे , नाम था उद्दालक । उनका श्वेतकेतु नामक एक पुत्र था । एक समय उद्दालक , उनकी पत्नी और श्वेतकेतु तीनों एक ही साथ बैठे थे । इतने ही में एक ब्राह्मण आया और श्वेतकेतु की माँ का हाथ पकड़कर कहा , " युवती , मेरे साथ चलो , " और उसको लेकर चल दिया । इससे श्वेतकेतु का बड़ा क्रोध आया । श्वेतकेतु को कुपित देखकर उनके पिता उद्दालक ने कहा , " बेटा , क्रोध न करो । अत्यंत प्राचिन काल से यह धर्म चला आ रहा है (आदिपर्व 122)
याने कि शादीशुदा औरत के साथ अगर बामन जबरदस्ती सेक्स करे तो महाभारत के अनुसार ये धर्म का लक्षण है
बर्नियर कि यात्रा
मंदिरो के बलात्कारी बामनो पर मध्यकालीन यात्री बर्नियर लिखता है .
जगन्नाथ पुरी के रथयात्रा के उत्सव के समय एक सुंदर कन्या का जगन्नाथ जी से विवाह किया जाता है . मुर्ती के पास बैठाकर उससे कहा जाता है कि रात को जगन्नाथ तुमसे मिलने आयेंगे और उन्हें जो आवश्यक होगा पुछ ले . रात के समय चोर दरवाजे से एक पुजारी उस मंदिर मे चला जाता है और उस कुवारी कन्या के साथ # संभोग करता है और जो चाहता है वही उस बेचारी को विश्वास करा देता है .
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पौराणिक सेक्स एजुकेशन
वेदों के अलावा पुराणों में भी हमे बहुत सारा सेक्स एजुकेशन देखने को मिलता है
जो कि इस तरह है,
जिस आदमी का लिंग दायीं तरफ झुका हुआ हो वह पुत्रवाला होता है , जिसका लिंग बायीं तरफ को झुका हुआ हो उसके कन्या पैदा होती हैं ॥१ ॥ मोटे रगोंवाले , टेढ़े लिंगों से दरिद्रता होती है । जिन पुरुषों के लिंग सीधे , गोल होवें , वे पुत्रों के भागी होते हैं
भविष्य पुराण
कड़वा तेल , भिलावा , बहेड़ा तथा अनार - इसकी चटनी से लेप करने से लिंग बढ़ता है ।
गरुड़ पुराण, अचार अध्याय 180
काफूर , देवदारु को शहद के साथ मिलाकर लिंग के लेप करें तो स्त्री वश में हो जाती है ॥२ ॥ हे महादेव ! नमक और कबूतर की बीठ शहद में मिलाकर यदि लिंग पर लेप करे तो स्त्री वश में हो जाती है ॥१६ ॥
गरुड़ पुराण, अचार, अध्याय 185
ब्रह्मचर्य में रहती हुई साध्वी स्त्री की योनि भी सुन्दर पुरुष को देखकर टपकने लग जाती है ॥२८ ॥
भविष्य पुराण, ब्रह्म अध्याय 73
स्नान किये हुए निर्मल सुगन्धित पुरुष को देखकर स्त्रियों की योनि ऐसे टपकने लगती है जैसे मशक में से पानी ॥३१ ॥
शिव पुराण,उमा.. अध्याय 24
पौराणिक पोल प्रकाश, मंसराम शास्त्री, पृष्ठ 98

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