गीता प्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित महाभारत के शान्तिपर्व के 29 वे अध्याय में एक कहानी इस प्रकार है :-
युधिष्टर महाभारत युद्ध में हुए अपने परिवार का तथा हुए बड़े विनाश से दुखी हो कर सन्यास लेना चाहते थे। जिस पर बाकी के सभी भाई, द्रोपदी और व्यास तथा दूसरे ऋषियों ने बहुत समझाया परंतु युधिष्टर चुप ही बैठे रहे। तब श्री कृष्ण ने पुराने राजाओं के बड़े बड़े कारनामे सुना कर यह कहा ये भी सभी मर गए । राम समेत कई कहानियां सुनाने के बाद एक कहानी राजा भगीरथ की भी सुनाई। यू कहा।
राजा भागीरथ जी काल के गाल में चले गए। जिसके विस्तृत यज्ञ में इंद्र में सोमरस पी कर हजारों असुरों का वध किया। राजा भागीरथ ने अपने यज्ञ में सोने के आभूषणों से विभूषित 1000000 कन्याओं को दान दिया। और ये 10 लाख कन्याएं के साथ निम्न प्रकार रथ और जानवर भी थे।
10 लाख कन्याएं 10 लाख रथों पर एक रथ में 4 घोड़े, 1 रथ के साथ 100 हाथी, हर हाथी के पीछे 1000 घोड़े, हर घोड़े के पीछे 1000 गाय, एक गाय के साथ 1000 भेड़ बकरी। ये सब दान दिए।
आओ पूरा हिसाब करते हैं।
1. रथों के साथ घोड़े :- 10 लाख x 4
2. हाथी :- 10 लाख x 100
3. घोड़े :- 10 लाख x 100 x 1000
4. गाय :- 10 लाख x 100 x 1000 x 1000
5. भेड़ बकरी :-10 लाखx100x1000x 1000x 1000
कुल जानवर
घोड़े :- 10,00,00,00,000
+ 40,00,000
हाथी :- 10,00,00,000
गाय :- 10,00,00,00,00,00,000
भेड़ बकरी :- 1,00,00,00,00,00,00,00,000
कुल जोड़ :- 1,00,10,00,10,10,40,00,000
1 शंख, 10 नील, 10 अरब, 10 करोड़, 40 लाख।
पृथ्वी की जमीन का क्षेत्रफल :- 14,89,40,000 sq km (आधुनिक विज्ञान के अनुसार)
1 वर्ग किलोमीटर में जानवर बनेंगे 67 करोड़, 20 लाख, 82 हजार 785
यानी 1 वर्ग मीटर में 672 से ज्यादा जानवर।
6 फीट x 6 फीट डबल बेड का एरिया 1.67225472 sq मीटर
डबल बेड जितनी जगह पर जानवर आए 1123.75
अभी 10 लाख कन्याएं भी है। 10 लाख रथ भी है। और पृथ्वी पर रहने वाले बाकी के आदमी और जानवर भी हैं।
श्री कृष्ण जी झूठ नहीं बोल सकते। या तो आधुनिक विज्ञान गलत है या पृथ्वी की जमीन का क्षेत्रफल पुराने समय में जरूर बड़ा रहा होगा। नासा अभी तक ये रहस्य जान नही पाया है। बोलो सनातन धर्म की जय। लेकिन ब्राह्मणों की औलादें ने इन को पढ़ना क्यों बंद कर दिया। क्यों झूठा आधुनिक विज्ञान पढ़ रहें हैं? खुद तो पढ़ते नही, दूसरे लोगों को बता रहें है कि हमारे ग्रंथों में बहुत अनसुलझा विज्ञान है । जब पड़ेंगे ही नही तो सुलझाएंगे कैसे?
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