Tuesday, 9 August 2022

ब्रह्मा पुत्री।

ब्रह्मा सावित्री पिता पुत्री  sex
धार्मिक किताबों में लिखा हुआ है कि ब्रह्मा ने अपनी बेटी से विवाह किया यानी मेथुनी सृष्टि का आरंभ किया।

लेकिन नव हिंदुत्ववादी लोग जो कभी इन बातों पर गहराई से विचार नहीं करते, कभी धार्मिक ग्रंथ नहीं पढ़ते, इस तरह की बात को बर्दास्त नहीं कर पाते और जो लोग किताबों से उद्धरण करते हुए असलियत बताते है तो इनको बहुत क्रोधआता है। निस्संदेह उद्धरण करने वाले भी कभी गंभीरता से विचार नहीं करते बस सिर्फ अंधभक्तों को तंग करने के इरादे से ही ऐसा करते हैं।

राहुल साकृत्यायन की लिखी एक पुस्तक है "वोल्गा से गंगा तक"।  उसका भी मानना है कि आर्य मध्य एशिया से भारत में आए और उसी को दर्शाने के लिए वोल्गा - रूस की नदी  से गंगा तक टाइटल का चुनाव किया है । सभ्यता का विकास कैसे हुआ यह बताया गया है। शुरुआत में यानी जब आदमी जंगली था, मनुष्यों में भी मातृ प्रधान समाज था, बिल्कुल वैसे ही जैसे आजकल जानवरों में है। जानवरों का परिवार मां और बच्चों से बनता है और परिवार की मुखिया मादा होती है। मनुष्यों में भी मातृ प्रधान परिवार थे। कालांतर में औरत प्रधान अपने साथ एक मर्द को भी रखने लगी। यह उसका भाई या बेटा ही हो सकता था। एक को छोड़ कर दूसरे ताकतवर को अपने साथ भी रखती थी। परिवार में ही कोई लड़की भी औरत प्रधान को मार कर खुद प्रधान बन जाती थी और अपने साथ ताकतवर मर्द को रखती थी। निस्संदेह वह मर्द उसका भाई ही होता था।

इतना मैने इसलिए लिखा कि हम स्वीकार करें कि धार्मिक किताबों में जो लिखा हुआ है कि ब्रह्मा ने अपनी ही बेटी से संबंध बनाएं उसको स्वीकार किया जाए। मुगलों ने, वामपंथियों ने, अंग्रेजों ने मिलावट कर दी , ऐसा बोलने वाले महा मूर्ख है, अपने ही पूर्वजों का अपमान करते है।  वह मान लेते है कि हमारे पूर्वजों ने या तो यह लिखा नहीं या इतने कमजोर थे कि अपने ही धार्मिक ग्रंथों की रक्षा ना कर के मिलावट करने वालों की सौंप दिया और फिर उनसे मिलावटी किताबें लेे कर फिर अपने पास रख ली। अगर यह दोनों बातें उनकी सही है तो सृष्टि की उत्पत्ति कैसे हुई इसका सिद्धांत खुद पेश करें। बताएं कि सही क्या है।

मत्स्य पुराण में तो ब्रह्मा लिखा हुआ है जिसने अपनी ही बेटी से संबंध बनाए।  किताब के पन्ने पोस्ट कर दिए है। लेकिन एक और उपनिषद् है नाम है "बृहदारण्यकउपनिषद्" उसमे प्रजापति मनु को अपनी पुत्री शतरूपा से मैथुन प्रवृति में लिप्त होने का बताया है। यह भी कि शतरूपा यह विचार करते हुए कि प्रजापति खुद से ही मुझे उत्पन्न कर के, ना करने वाला काम क्यों करता है, छुपने के लिए गाय बन गई, तब मनु सांड बन कर उससे गाय सांड उत्पन्न किए, वह घोड़ी बन गई, मनु ने घोड़ा बन कर घोड़े परिवार पैदा किया, वह बकरी बन गई, मनु ने बकरा बन कर जीव उत्पन्न किए, वह भेड़ बन गई तो भी मनु ने वहीं किया, गधी बनी तब भी वही यानी चींटी तक सब जीव पैदा कर दिए। इस किताब के पन्ने भी पोस्ट कर रहा हूं।


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ब्रह्माने खुदकी बेटी पर बलात्कार करने के प्रमाण अलग-अलग ग्रंथो 

बहोत सारे हिंदुत्ववादी ब्रह्माने खुदकी बेटी पर बलात्कार करने कि बात को नकारता है उनके समाधान के लिए ये लेख है. 

ऋग्वेद
ऋग्वेद के अनुसार  

अपनी सुंदरी कन्या उषा के शरीर में ब्रह्मा व प्रजापति ने उस वीर्य का सेक किया।जिस समय पिता युवती कन्या के ऊपर रातिकामी हुआ aur दोनो का समागम हुआ । और जिस समय पिता ने अपनी कन्या उषा के साथ संभोग किया.....।( ऋग्वेद,मंडल 10 ,सुक्त 61,मंत्र 5- 7, सायन भाष्य, अनुवाद रामगोविंद त्रिवेदी वेदांतशास्त्र,)

शतपथ ब्राह्मण 
शतपत ब्राह्मण के अनुसार 
प्रजापति जिसे दयानंद सरस्वती ने वैदिक ईश्वर माना है वो अपनी लड़की उषा पर मोहित हो गया और sex कि इच्छा हुई तो sex भी कर लिया अपनी बेटी से।देवताओं के लिए ये पाप था के वैदिक ईश्वर अपनी बेटी और हमारी बहन के साथ sex करे, इसलिए देवताओ ने रुद्र से कहा के इस पाप के लिए वैदिक ईश्वर को बाँध दो, जब रुद्र ने वैदिक ईश्वर को बींध दिया तो उस वैदिक ईश्वर का आधा वीर्य यानी sperm गिर गया(शतपत ब्राह्मण 1/7/4/1 - 3)

ऐतरेय ब्राह्मण 
ऐतरेय ब्राह्मण के अनुसार 

प्रजापति ने अपनी लड़की देख कर भार्या के रूप में सोचा वो प्रजापति अपनी पुत्री के पास गए।देवताओ ने jab देखा के प्रजापति कैसा बुरा कर्म करता है, ऐसा सोच कर देवताओ ने ऐसा पुरुष को खोजा जो प्रजापति को मार सके।तब सब देवताओ ne रुद्र को उत्पन्न किया जिसकेअंदर प्रजापति को मारने का सामर्थ था(ऐतरेय ब्राह्मण,अध्याय3,खंड 9)

बृहदारण्यकोपनिषद 
बृहदारण्यकोपनिषद के अनुसार  

स्त्री ने सोचा के कैसे मुझको अपने शरीर से उत्पन कर पुत्री रूपमुझसे संभोग करता है, ऐसा सोच कर वो छिपने के लिए गाय बन गईऔर पिता बैल बन कर संभोग किया जिससे गाय पैदा हुई।इसी तरह कन्या अलग अलग रूप में छिपती रही और पिता उसके साथ उन्ही रूप में संभोग करता रहा और अलग अलग प्राणियों को जन्म देता रहा(बृहदारण्यक उपनिषद, अध्याय 1, ब्रह्मण 4, श्लोक4)

भागवत पुराण
भागवत पुराण के अनुसार  

ब्रह्मा की कन्या सरस्वती बड़ी सुंदर थी, उसे देख कर ब्रह्मा काममोहित हो गए।उनका ऐसा अधर्म देख कर उनके पुत्र ने समझाया के आप अपनी पुत्री से संभोग करने का पाप कैसे कर सकते है(श्रीमदभगवद महापुराण, स्कन्द 3 ,अध्याय 12, श्लोक 28 - 31) 

मत्स्य पुराण
मत्स पुराण के अनुसार 

ब्रह्मा ने अपने शरीर से अपनी पुत्री को उत्पन्न किया और अपनी पुत्री की सुंदरता को देख कर बार बार देखने लगे और तारीफ करने लगे।ब्रह्मा को अपनी पुत्री की सुंदरता के सिवा कुछ नही दिखता था।वो कामदेव से मोहित हो गए थे।तब ब्रह्मा ne अपने सारे पुत्रो को प्रजाओं की रचना करने भेज दिया और अपनी पुत्री से संभोग किया और उस संभोग से उनका पुत्र मनु पैदा हुआ (मत्स्य पुराण, अध्याय 3, श्लोक32- 45) 

नोट: कुछ ग्रंथो मे ब्रह्मा को प्रजापती कहा गया है.  

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उपर के सभी ग्रंथो से सिद्ध है कि ब्रह्मा ने खुदकी बेटी के साथ बलात्कार किया था. 
और इसिलिये ज्योतीराव फुलेने भी ब्रह्मा को बेटीचोद कहा था.


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पुरातन समय में जरूर यह प्रश्न आदमी के मन में आया होगा कि शुरुआत में आदमी और औरत (नर और मादा सभी जीव भी ) कैसे पैदा हुए ? यह तो उन्होंने जान ही लिया था कि स्त्री और पुरुष ( नर और मादा ) के मैथुन से बच्चे पैदा होते रहते हैं।

जीवों की उत्पत्ति स्त्री पुरुष के मैथुन से होती है। हिन्दू धर्मशास्त्रों के अनुसार सृष्टि की उत्पत्ति ब्रह्मा ने की, इसीलिए ब्रह्मा को प्रजापति या पिता भी कहा जाता है। शुरुआत में ब्रह्मा ने मनुष्यों की उत्पत्ति मन की कल्पना से की। फिर मन की कल्पना से ही स्त्री को जन्म दिया, ताकि मैथुन द्वारा मनुष्यों की उत्पत्ति हो। अब जिस स्त्री को पैदा किया वह खुद ब्रह्मा की क्या लगी ? निस्संदेह पुत्री ही लगी। अब ब्रह्मा द्वारा पैदा हुई स्त्री से मैथुन कोन करेगा ? या तो ब्रह्मा द्वारा पैदा किए हुए उसके मानस पुत्र या खुद करेगा। जिसने भी सृष्टि की उत्पत्ति का यह सिद्धांत पेश किया, निश्चय ही उसको यह प्रश्न भी हल करना था कि मैथुन की शुरुआत किस ने की। स्त्री और पुरुष तो ब्रह्मा ने बना दिया लेकिन मैथुन की शुरुआत खुद ब्रह्मा ने की या उसके मानस पुत्रो ने।  अगर पुत्र करते तो भाई बहन में मैथुन का रिश्ता बनता। अगर ब्रह्मा खुद करता तो पिता और बेटी में मैथुन का रिश्ता बनता था।

प्रश्न तो हल करना ही था।

धार्मिक किताबों में लिखा हुआ है कि ब्रह्मा ने अपनी बेटी से विवाह किया यानी मेथुनी सृष्टि का आरंभ किया।

लेकिन नव हिंदुत्ववादी लोग जो कभी इन बातों पर गहराई से विचार नहीं करते, कभी धार्मिक ग्रंथ नहीं पढ़ते, इस तरह की बात को बर्दास्त नहीं कर पाते और जो लोग किताबों से उद्धरण करते हुए असलियत बताते है तो इनको बहुत क्रोधआता है। निस्संदेह उद्धरण करने वाले भी कभी गंभीरता से विचार नहीं करते बस सिर्फ अंधभक्तों को तंग करने के इरादे से ही ऐसा करते हैं।

राहुल साकृत्यायन की लिखी एक पुस्तक है "वोल्गा से गंगा तक"।  उसका भी मानना है कि आर्य मध्य एशिया से भारत में आए और उसी को दर्शाने के लिए वोल्गा - रूस की नदी  से गंगा तक टाइटल का चुनाव किया है । सभ्यता का विकास कैसे हुआ यह बताया गया है। शुरुआत में यानी जब आदमी जंगली था, मनुष्यों में भी मातृ प्रधान समाज था, बिल्कुल वैसे ही जैसे आजकल जानवरों में है। जानवरों का परिवार मां और बच्चों से बनता है और परिवार की मुखिया मादा होती है। मनुष्यों में भी मातृ प्रधान परिवार थे। कालांतर में औरत प्रधान अपने साथ एक मर्द को भी रखने लगी। यह उसका भाई या बेटा ही हो सकता था। एक को छोड़ कर दूसरे ताकतवर को अपने साथ भी रखती थी। परिवार में ही कोई लड़की भी औरत प्रधान को मार कर खुद प्रधान बन जाती थी और अपने साथ ताकतवर मर्द को रखती थी। निस्संदेह वह मर्द उसका भाई ही होता था।

इतना मैने इसलिए लिखा कि हम स्वीकार करें कि धार्मिक किताबों में जो लिखा हुआ है कि ब्रह्मा ने अपनी ही बेटी से संबंध बनाएं उसको स्वीकार किया जाए। मुगलों ने, वामपंथियों ने, अंग्रेजों ने मिलावट कर दी , ऐसा बोलने वाले महा मूर्ख है, अपने ही पूर्वजों का अपमान करते है।  वह मान लेते है कि हमारे पूर्वजों ने या तो यह लिखा नहीं या इतने कमजोर थे कि अपने ही धार्मिक ग्रंथों की रक्षा ना कर के मिलावट करने वालों की सौंप दिया और फिर उनसे मिलावटी किताबें लेे कर फिर अपने पास रख ली। अगर यह दोनों बातें उनकी सही है तो सृष्टि की उत्पत्ति कैसे हुई इसका सिद्धांत खुद पेश करें। बताएं कि सही क्या है।

मत्स्य पुराण में तो ब्रह्मा लिखा हुआ है जिसने अपनी ही बेटी से संबंध बनाए।  किताब के पन्ने पोस्ट कर दिए है। लेकिन एक और उपनिषद् है नाम है "बृहदारण्यकउपनिषद्" उसमे प्रजापति मनु को अपनी पुत्री शतरूपा से मैथुन प्रवृति में लिप्त होने का बताया है। यह भी कि शतरूपा यह विचार करते हुए कि प्रजापति खुद से ही मुझे उत्पन्न कर के, ना करने वाला काम क्यों करता है, छुपने के लिए गाय बन गई, तब मनु सांड बन कर उससे गाय सांड उत्पन्न किए, वह घोड़ी बन गई, मनु ने घोड़ा बन कर घोड़े परिवार पैदा किया, वह बकरी बन गई, मनु ने बकरा बन कर जीव उत्पन्न किए, वह भेड़ बन गई तो भी मनु ने वहीं किया, गधी बनी तब भी वही यानी चींटी तक सब जीव पैदा कर दिए। इस किताब के पन्ने भी पोस्ट कर रहा हूं।


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ऐतरेय ब्राह्मण 
ऐतरेय ब्राह्मण के अनुसार 
Bramma +daughter= wife husband
प्रजापति ने अपनी लड़की देख कर भार्या के रूप में सोचा वो प्रजापति अपनी पुत्री के पास गए।देवताओ ने jab देखा के प्रजापति कैसा बुरा कर्म करता है, ऐसा सोच कर देवताओ ने ऐसा पुरुष को खोजा जो प्रजापति को मार सके।तब सब देवताओ ne रुद्र को उत्पन्न किया जिसकेअंदर प्रजापति को मारने का सामर्थ था(ऐतरेय ब्राह्मण,अध्याय3,खंड 9)
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ब्रह्मा ने खुदकी बेटी पर बलात्कार करने के प्रमाण अलग-अलग ग्रंथो से

बहोत सारे हिंदुत्ववादी ब्रह्माने खुदकी बेटी पर बलात्कार करने कि बात को नकारता है उनके समाधान के लिए ये लेख है. 

ऋग्वेद
ऋग्वेद के अनुसार  

अपनी सुंदरी कन्या उषा के शरीर में ब्रह्मा व प्रजापति ने उस वीर्य का सेक किया।जिस समय पिता युवती कन्या के ऊपर रातिकामी हुआ aur दोनो का समागम हुआ । और जिस समय पिता ने अपनी कन्या उषा के साथ संभोग किया.....।( ऋग्वेद,मंडल 10 ,सुक्त 61,मंत्र 5- 7, सायन भाष्य, अनुवाद रामगोविंद त्रिवेदी वेदांतशास्त्र,)

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