Thursday, 2 February 2023

रामायण।



●●

■■

#_रामायण_के_रामसेतू_पुल_कि_कुछ_गपोड़_कहानियाँ

क्या रामायण में श्रीलंका जाने के लिए सच में पुल का निर्माण किया गया था। अगर किया गया था तो किसका किसका बाप दादा-प्रदादा उस पुल को देखा है जबकि पुल को बनाने में पूरे पांच दिन का समय लगा था। पहले दिन में 14 योजन, दूसरे दिन 20 योजन, तीसरे दिन 21 योजन, चौथे दिन 22 योजन और पांचवे दिन 23 योजन पुल बनाया था। इस प्रकार कुल 100 योजन लंबाई का पुल समुद्र पर बनाया गया यह पुल 10 योजन चौड़ा था। एक योजन लगभग 08-14km होता है अगर मैं 10km योजन ही लेता हूं तो 10×10= 130km चौड़ा और  100×10=1000km लम्बा होता हैं। क्या आज तक कोई भी व्यक्ति 130km चौड़ा और 1000km लम्बा पुल देखा है?

नोट- श्रीलंका का नाम पहले सिलोन था, 1972 ई. में उसका नाम श्रीलंका रखा गया|



◆◆◆◆◆

# सिद्द करो_राम_थे...# या_स्विकार _ करो_कि _रामायण_काल्पनिक_Granth है (१) एक समय पर दो तरह के इंनसान कैसे हो सकते है एक पुछ वाला और एक बिना पुछ वाला...दोनों मनुष्य की तरह बोलते है दोनें के पिता राजा है क्या एेसा संभव है???
(२) मेंढक से मंदोदरी कैसे बनसकती / पेदा हो सकति है???
(३) लँगोटी का दाग छुड़ाने से अंगद कैसे पेदा हो सकता है ???
         पक्षी मनुष्य की तरह कैसे काम कर सकता है जैसे गिद्दराज ???
(४) किसी मनुष्य के 10 सिर हो ही नही सकते इतिहास या पुरातत्व द्दारा आज तक ये सिद्द नही हो पाया की किसी इंसान के 10 सिर 20 भुजाओं वाला कोई मनुष्य नही है...
( ५) जिस लंका की आप बात कर रहे हो, उसका नाम भी 1972 में लंका पड़ा  । इसके पहेले सीलोन व सीलोन से पहेले सिहाली इत्यादि नाम थे तो असली लंका  कहा है
(६) घड़े से लड़की कैसे पैदा हुए ??? मछली से कोई मनुष्य कैसे पैदा हो सकता है ??? एक माह में मकरघ्वज कैसे पैदा हुए ??? मछली से कोई मनुष्य कैसे पैदा हो सकता है??? एक माह में मकरघ्वज पातालपुरी में नौकरी करने लगे क्या ये संभव है ???अगर संभव है तो साबित करो...
(७) 5000 साल पुरानी द्दविड भाषा को कोइ पढ़  नही सकता तो 70000 साल पहेले अंगद किस भाषा शैली क्या थी ???
(८) सम्राट अशोक के काल में अयोध्या का नाम साकेत था तो अयोध्या  के बाद साकेत और साकेत के बाद अयोध्या का नाम साकेत था तो
         अयोध्या के बाद साकेत और साकेत के बाद अयोध्या नाम कैसे पड़ा ???
          पुरातत्व विभाग की तरफ़ से एक भी प्रमाण हो तो बताओ कि राम राज्यथा ???
(९) सात घोड़े से सूर्य कैसे चल रहा है ??? आपकी पुस्तकें कह रही है जबकि विज्ञान कह रहा है कि सूर्य चलताही नही है...
             जब राम का राज्याभिषेक हो रहा था तब सूर्य  एक महीने के लिए रुक गया था, आपकी किताबों में लिखा है । जबकि सूर्य चलता ही नही है अगर सूर्य चलता है तो सिद्द करो / साबित करो...
(१०) सूर्य खाने गए हनुमान की स्पीड और क़द क्या था??? जो हनुमान सूर्य की आग से नही जल सकता,वह पुछ में लगी आग से कैसे जल सकता है ???
(११) बाल्मीकिरामायण कहती है चैत अमवस्या को  रावण का वध होता है तो सच क्या है ???
(१२) सोनेकी खोज हुए  4000 साल हुए है तो 70000 साल पहले सोनेकी लंका कहा से आई थी ??? सोनेका गलनांक 3000 C से अधिक होता है तो बताओ पुछ की आग से इतना तापमान कैसे बढ़  सकता है ??? सोने का महल था या सोने की लंका ??? 6000 साल पूर्व चमडेका परिधान पहनते थे ??? तो 70000 साल पूर्व कपड़े राम कहा से पहनते थे ???
(१३) जब Bharma के मुख से Bhrahman पैदा हुआ तो भारत में ही क्यों पैदा हुआ ??? जबकि Bharma ने विश्व(Universe) रचाया तो चीन,अमेरीका,थाईलैंड ,जापान,दक्षिण कोरिया वग़ैरह दुनिया बाक़ी  देशों में Bhrahman क्यों पैदा नही हुआ ???
(१४) वह कोनसा सोफ्टवेर था जिसे पता चल जाता था कि लक्ष्मण रेखा को सीता पार करे तो कुछ नही हुआ परंन्तु रावण पार करे तो जल उठे ???
(१५) जिस धनुष को रावण उठा नही सका, उसी धनुंष को उठाने वाली सीता को रावण कैसे उठा सकता है ???
           सवाल और भी बहुत है...
ज्योतिबा फुलाने सही कहा था कि पोंगा पंडितों का ज्ञान उनके(पंडितों )ज्ञान पर नही, शुद्धो की अज्ञानता पर टिका हुआ है
              जिस दिन शुद्ध  अपने विवेक,सोच और तर्क -शंकित का उपयोग करना शुरु कर देंगे , उसदिन पोंग पंडितों के द्दारा काल्पनिक गप्प कथाओं के द्दारा निर्मित किये गए क़िले घारासायी हो जाएँगे 
     🌸🌼🌻चारण कान्त🌻🌼🌸


●●●●

ब्राह्मण अकेली औरत को देख कर औरत के घर में आ कर ऐसा बोलता हैै :-

"उत्तम सोने के रंग वाली, रेशमी पीले कपड़े धारण करने वाली, तुम्हारे मुंह, आंखे, हाथ और पैर कमलों के समान हैं। तुम भूती या स्वेच्छा पूर्वक विहार करने वाली कामदेव की पत्नी रती तो नहीं हो। तुम्हारे दांत बराबर है। तुम्हारा अग्र भाग कुंद की कलियों के समान शोभा पाते हैं। वे सब  चिकने और सफेद हैं। तुम्हारी आंखें  बड़ी बड़ी और काली हैं। कोएं लाल है। पुतलियां काली है । कटी ( मनुष्य के शरीर का वह मध्य भाग जो पेट और चूतड़ों के बीच में होता है।)का अग्र भाग विशाल और  मांसल है। दोनों जांघें हाथी की सूंड के समान शोभा पा रही हैं।"

"तुम्हारे दोनों स्तन पुष्ट, गोल, परस्पर सटे हुए, मोटे, उठे हुए, कमनिय, ताड़फल के समान आकार वाले है।"

"सुन्दर मुस्कान,  रुचिर दंतावली, मनोहर आंखोवाली मनोहर रमणी, तुम अपने रूप सौंदर्य से  मेरे मन को हर ले रही हो।"

"तुम्हारी कमर इतनी पतली है कि हाथ में आ जाए। बाल चिकने और दिल को हर ले जाने वाले है। तुम्हारे स्तन सटे हुए हैं।"

      ऐसी बातें सुन कर अकेली औरत क्या करेगी ?  नहीं, नहीं। ऐसा नहीं हैं, जैसा आप सोच रहें हैं। आप सोचोगे आज कल के जमाने  के हिसाब से।लेकिन ये कहानी है त्रेता युग की। उस समय के ब्राह्मण, ऋषि, मुनि ऐसे ही हुआ करते थे।  ( ऋषि नहीं महा ऋषि विभांडक का वीर्य अप्सरा को देख कर नहाते समय नदी में गिरा, प्यासी हिरनी ने जल के साथ वीर्य को पी लिया तो उसके पेट से श्रृंगी ऋषि पैदा हुआ जो श्री राम का जीजा था।  )

इस कहानी में अकेली औरत ब्राह्मण की ऐसी बातें सुन कर खुश हो गई। आदर सहित बिठाया। पांव धोने और पीने को पानी दिया और  खाना खाने को बोला। फिर पूछने पर अपने और अपने पति के पूरे खानदान और घर की अंदर कि बातें बता दी। जैसे पिता का नाम, कितने साल शादी को हुए, सवसुर, सास इत्यादि सब के बारे में।

इस कहानी में औरत सीता माता हैं। और ब्राह्मण वेषधारी असल में रावण है।

 सीता माता ने बताया कि 12साल दसरथ के महल में पूरे ठाठ से रही। 13 वे साल मेरे पति राम का राज्य अभिषेक होना था लेकिन काम पीड़ित मेरे सवसुर दसरथ ने  केकई की बात मान कर मेरे पति को बनवास दे दिया। मैं उस समय 18 की थी और मेरे पति 25 के।  इसका मतलब निकलता है कि  राम सीता के विवाह के समय राम कि उमर 12 साल की तथा सीता की 6 साल की थी। जब सीता को रावण ने हरण किया तब बनवास के  10/11 साल बीत चुके थे।  यानी शादी के 22/ 23 साल तक कोई बच्चा नहीं हुआ।  6 साल की उम्र में शादी हुई तो रजस्वला होने की उमर अगर 16 साल भी मान लिया जाए तो  12/13 साल तक बच्चा नहीं हुआ, यह तो मानना ही पड़ेगा।

‌चतुर्वेदी द्वारका प्रसाद शर्मा द्वारा अनुवादित 1927 में छपी और गीता प्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित बाल्मीकि रामायण के संबंधित पन्ने पोस्ट कर दिए है। 

Copy From
Ashok Taraksheel


●●●
राजा की गैर हाजरी में राजा का कार्य देखने वाले को क्या यह अधिकार हो सकता है कि वह राज्य के खजाने से किसी को दान करता रहे?

भरत अयोध्या के बाहर 1 कोस के फासले पर नंदीग्राम में सिर पर जटा बना कर काले हिरण का चमड़ा पहन कर, फल मूल खा कर रहते हैं। ( जो हिरण का चमड़ा पहना जाता था वह चमड़ा प्राप्त करने के लिए क्या हिरणों को मारा जाता था या मरे हुए हिरणों की खाल इक्ट्ठी की जाती थी?)

पूरा मंत्रिमंडल भी वही पर था। वह किसी को खुश हो कर 1 लाख गाएं, 100 गांव और 16 क्वारी कन्याएं शादी के लिए दे देते हैं। 

पता है किस को दिए? हनुमान को. 16 क्वारी कन्याएं कुंडलों से विभूषित, सुंदर नासिकाओं वाली, चंद्रमा जैसे मुख वाली, अच्छे आचरण वाली, अच्छे कुल में उत्पन्न यानी कुलीन घरानों की। सोने जैसे रंग वाली। ( लगता है कि क्वारी कन्याएं की लाईन लगवा कर सुंदर नाक, सुंदर मुंह और सुंदर रंग वाली लड़कियों को परखा जाता था और कन्याएं भी कुलीन घरानों से मंगवाई जाती थी)

हनुमान ने भरत को बनवास पूरा करके वापिस आने की खबर दी। उस समय का प्रसंग है यह। लक्ष्मण मूर्छित के इलाज के लिय हनुमान जब पर्वत उठा कर गए उस समय हनुमान की भरत से मुलाकात हुई ऐसा कुछ नहीं लिखा बाल्मिकी रामायण में।

हनुमान ने 16 क्वारी कन्याएं शादी के लिय देने की बात आती है लेकिन हनुमान ने ली या नही, ली तो क्या किया इस पर बाल्मिकी रामायण में कुछ नही लिखा।
( बाल्मिकी रामायण 128 वा सर्ग युद्ध कांड, संबंधित पन्ने भी डाल रहा हूं।)



●●●●

रामायण की साइंस के अनुसार एक टाइम पर पहाड़ों के पंख हुया करते थे और वो हवा में उड़ते थे।😆
सुंदर काण्ड सर्ग 1: 119 

जंवर के साथ पहाड़ भी उड़ता था

No comments:

Post a Comment

टाइगर, Sher,

  संवृतस्मृति अनुसार ज़ब सना टुन्नी लड़कीयों के योनि मे फस्ट टाइम बाल आता है तो मून देवता सेक्स करके चले जाते है ज़ब फस्ट टाइम मेंस आता है तो ...