बाल्मीकि रामायण के सर्ग 38 में हमने राजा सगर के 60हज़ार पुत्रों के जन्म के बारे में देखा था ।
की कैसे एक तुंबी के द्वारा बच्चों का जन्म हुआ😅
अब हम उसके आगे वाले सर्ग 39 – 40 में देखेंगे कि कैसे राजा सगर का यज्ञ का घोड़ा इंदर चुरा लेता है
और राजा सगर अपने 60हज़ार पुत्रों को घोड़ा खोजने के लिए बेजते है।
और 60 हजार मिलकर सारी पृथिवी पर उसे खोजते है
पर नही मिलता फिर वो अपने हाथों से पृथ्वी को खोद डालते है।
और अपने पिता के पास खाली हाथ जाते है और फिर उनके पिता उन्हे दुबारा से बेझते है और इस बार फिर वो पृथ्वी को खोदते है और वो ऐसे दिगज लोगो को देखते है जो पृथ्वी को अपने ऊपर उठाए हुए है🤔🤔
और वो उनको मिलकर आगे जाते है यहां वो उस घोड़े को कपिलदेव के पास देखते है और उन्हें बुरा भला कहने पर वो 60 हजार को जला डालता है और वो वही मर जाते है।
अब जो हिंदू भाई बहन ये कहते है को हमारे ग्रंथों में बहुत विज्ञान है उनसे सवाल ।
क्या ये आसान बात है की मनुष्य हाथों से सारी पृथ्वी को खोद डाले ?
और क्या पृथिवी की नीचे सच में ऐसे कोई दिग्ज है जो पृथ्वी को अपने ऊपर उठाए हुए है?
रामायण की इन बातों से साबित होता है की इनके मुताबिक पृथ्वी के चार कोने है ओर उन कोनो को चार दिग्जो ने उठाया है
जिनके हिलने से भूकंप आते है😂😂
क्या विज्ञान लिखा है मेरे हिन्दू है बहन जवाब दे सकते है
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